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एक सुनहरी याद

  • Writer: Abhijeet Tiwari
    Abhijeet Tiwari
  • Oct 30, 2021
  • 1 min read

अक्सर सोचता हु वक्त के साथ क्या बदल जाता है, दिल से जुड़ा रिश्ता क्यों टूट कर बिखर जाता है।

वो बच्चन की प्यारी यादे क्यों पैसे की तरह गुल्लक में बंद कर दि जाति है, जब उनमे ही जीने की उमंग और सुकून की मुस्कान आती है।


माँ की गोद में सर रख कर रोना क्यों बदल जाता ,

पापा से वो प्यार और ज़िद का रिश्ता क्यूँ टकराव में बदल जाता है।

अब ना उन खिलोनो में खुशियां बताती है ना मेले में रखी हर चमकती चिज़ेन अच्छी लगती है।

अक्सर सोचता हु वक्त के साथ क्या बदल जाता है? हम बच्चपन को खोदते हैं..क्या यही बड़ा होना कहलाता है?

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